Shri Shivgoraksh

Shri Shivgoraksh

Author : Mrinalini Madhusudhan Joshi

In stock
Rs. 595
Classification Religion/ Spirituality
Pub Date June 2018
Imprint Sarvatra
Page Extent 512 pages
Binding Paperback
Language Hindi
ISBN 978-93-87383-61-6
In stock
Rs. 595
(inclusive all taxes)
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about book

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित गोरक्षनाथ मंदिर में गोरक्षनाथ की मूर्ति की स्थापना की गयी है. यह स्थान श्री गोरक्षनाथ की दिव्या तपस्या का स्थान है. अतः नाथसम्प्रदाय के लिए यह आत्यंतिक प्रेरणादायी तथा तेजोमय ऊर्जा प्रदान करनेवाला तीर्थस्थान सिद्ध हो गया है.
त्रेतायुग में भगवान् शिव ने ही गोरक्षनाथ के रूप में प्रकट हो कर 'शिवगोरक्ष' इ नाम से प्रज्वलित की अखंडित धूनी का दर्शन इसी स्थान पर हम आज भी कर सकते हैं.
इस मंदिर में आज भी जनजागरण, प्रबोधन तथा जनसेवा का कार्य संपन्न होता है जो किनाथ संप्रदाय का उद्देश्य रहा है.

About author

श्रीमती मृणालनी जोशी पुणे स्थित एक सिद्ध हस्त लेखिका है I बचपन से उन्हें अध्यात्म में रूचि थी I इसी कारण उन्होंने संत तुकाराम, संत मुक्ताबाई जैसे संतों के चरित्र लिखे I उनके 'इन्कलाब' नामक मराठी ग्रंथ प्रकाशन क्षेत्र में एक माइलस्टोन साबित हुआ I आज उनकी उम्र ९५ से भी है I फिर भी वे अपनी आध्यात्मिक साधना, मनन, लेखनकार्य में व्यस्त रहती है I