Kejriwal Ki Siyasat (Hindi)

Kejriwal Ki Siyasat (Hindi)

Author : Shreepal Jain

In stock
Rs. 175
Classification Non-fiction
Pub Date September 2018
Imprint Manjul
Page Extent 160
Binding Paperback
Language Hindi
ISBN 978-93-87383-90-6
In stock
Rs. 175
(inclusive all taxes)
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about book

आम आदमी पार्टी (आप) और उसके संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा के चुनाव में शानदार कामयाबी पाकर राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया था I जनता ने उनको समर्थन देकर स्पष्ट सन्देश दिया था कि यदि पारम्परिक राजनीतिक पार्टियां - कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी जन-हितैषी मसलों पर आवश्यक ध्यान नहीं देती हैं तो वह वैकल्पिक राजनीति की पैरोकार पार्टी को चुनने में कतई नहीं हिचकिचाएगी I मुख्या मंत्री केजरीवाल की सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण जन-हितैषी कदम उठाए, जिनका जनता ने स्वागत किया I लेकिन धीरे-धीरे आप पार्टी में अंदरूनी खींचतान, सरकार एवं पार्टी-नेताओं पर भ्रष्टाचार के विभिन्न आरोपों और नेताओं के बड़बोले बयानों से जनता का मोहभंग होने लगा I
इस स्थिति में कांग्रेस और भाजपा को दिल्ली में अपना जनाधार बढ़ाने और राजनीतिक रूप से हावी होने का अवसर मिला I लेकिन जब तक इन पार्टियों का स्थानीय नेतृत्व मज़बूत नहीं होगा, तब तक वे आप पार्टी की केजरीवाल सरकार को कठोर चुनौती पेश करने में सक्षम नहीं हो सकतीं I
प्रस्तुत पुस्तक में अरविन्द केजरीवाल, आप पार्टी के राजनीतिक सिद्धांतों, सरकार के महत्वपूर्ण फैसलों और उनसे उठने वाले संवैधानिक सवालों, नैतिक मसलों, विभिन्न विवादों और दिल्ली एवं देश की भावी राजनीति पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का निष्पक्ष ढंग से विश्लेषण किया गया है I साथ ही, भारत में वैकल्पिक राजनीति का समर्थन करने वाली राजनितिक पार्टियों की सीमाओं, चुनौतियों और संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया है I

About author

श्रीपाल जैन राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय राजनीति के विश्लेषक हैं I वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से एम.ए, (अंतराष्ट्रीय राजनीति) और एम.फिल. (कूटनीति) और एम.फिल. (कूटनीति) करने के बाद हिंदुस्तान टाइम्स प्रकाशन समूह के दैनिक हिंदुस्तान समाचार-पत्र में वरिष्ठ सहायक संपादक रहे I उनकी राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय राजनीति पर पॉंच पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं I