ASAMBHAV KAISE KARAIN SAMBHAV

ASAMBHAV KAISE KARAIN SAMBHAV

Author : Sirshree

In stock
Rs. 100
Classification Inspiration/ Self-help
Pub Date 2016
Imprint Manjul
Page Extent 174
Binding Paperback
Language Hindi
ISBN 978-81-83227-14-8
In stock
Rs. 100
(inclusive all taxes)
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about book

असंभव कैसे करें संभव
हातिम से सीखें साहस और निःस्वार्थ जीवन का राज़

एक महावीर योद्धा से सात सवाल पूछे गए, जिनके जवाब उसने बड़ी समझदारी और साहस के साथ खोज निकाले। वह महावीर योद्धा था हातिम। लेकिन इस बार यह साहस आपको दिखाना है और सात नहीं बल्कि चौदह सवालों के जवाब खोजने हैं - लेकिन एक अलग ढंग से। यह खोज जंगलों में, पर्वतों पर, रेगिस्तानों में नहीं बल्कि स्वयं के भीतर ही गोता लगाकर करनी है।
तो आइए, हातिमताई से सीखें असंभव को संभव बनाने के राज़। हातिम के किस्से विश्व प्रसिद्द हैं जो आपको रहस्य, रोमांच और साहस की तिलस्मी दुनिया में ले जायेंगे। इस खोज में यह पुस्तक आपकी मार्गदर्शक बनेगी, जो पहले आपको सवाल देगी, फिर आपसे उनके जवाबों की खोज करवाएगी। ये जवाब आपको सिखाएँगे:
• असंभव कैसे बने संभव? वहम, तथ्य, सत्य और परमसत्य का रहस्य क्या है
• कुदरत से कैसा ताल-मेल बनाएँ ताकि लक्ष्य सहजता से प्राप्त हो
• दुःख से बहार आने की कला क्या है, इसे अपनाना क्यों ज़रूरी है
• कर्म विज्ञान क्या है, कर्म बंधनो से मुक्ति कैसे पाएँ
• प्रेम, आनंद, शांति, सम्पन्नता, स्वास्थ्य और मधुर रिश्तों से भरा जीवन कैसे पाएँ
• मृत्यु और जीवन का रहस्य क्या है! मुक्ति क्या है, इसे कैसे प्राप्त करें

तो क्यों न हातिम बनकर सात वचनों के साथ आंतरिक खोज का शुभारंभ करें और वह सब कुछ प्राप्त करें, जिसे पाने के लिए हम पृथ्वी पर आए हैं।

About author

सरश्री की आध्यात्मिक खोज का सफर उनके बचपन से प्रारंभ हो गया था I इस खोज के दौरान उन्होंने अनेक प्रकार की पुस्तकों का अध्ययन किया I इसके साथ ही अपने आध्यात्मिक अनुसंधान के दौरान अनेक ध्यान पद्धतियों का अभ्यास किया I उनकी इसी खोज ने उन्हें कई वैचारिक और शैक्षणिक संस्थानों की ओर बढ़ाया I जीवन का रहस्य समझने के लिए उन्होंने एक लम्बी अवधि तक मनन करते हुए अपनी खोज जारी रखी, जिसके अंत में उन्हें आत्मबोध प्राप्त हुआ I
सरश्री ने दो हज़ार से अधिक प्रवचन दिए हैं और सत्तर से अधिक पुस्तकों की रचना की है, जिन्हें दस से अधिक भाषाओँ में अनुवादित किया जा चुका है I