Lok Vyavhar

Lok Vyavhar

Author : Dale Carnegie

In stock
Rs. 125
Classification Self-Help
Pub Date 24th Impression 2018
Imprint Manjul
Page Extent 350
Binding Paperback
Language Hindi
ISBN 978-81-8322-742-1
In stock
Rs. 125
(inclusive all taxes)
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about book

डेल कारनेगी दिलचस्प शैली और सरल भाषा में बताते हैं कि लोगों को प्रभावित करने के आज़माये हुए अचूक तरीक़े अपना कर आप किस तरह अधिक सुखी और संपन्न बन सकते हैं। पाठक जान पाएँगे कि वे अपने व्यवहार और तौर-तरीक़ों में बदलाव लाकर अपने प्रति दुनिया का नज़रिया कैसे बदल सकते हैं। इस पुस्तक को विश्व की कई प्रसिद्द हस्तियों द्वारा सराहा और अपनाया गया है। इस पुस्तक को विश्व की कई प्रसिद्द हस्तियों द्वारा सराहा और अपनाया गया है। इस में बताई गई बातों का अनुसरण कर आप ऐसे व्यक्ति बन सकते हैं जो मित्रवत और प्रभावशाली हो, तथा जिस पर लोग भरोसा करके संबन्ध बनाने को तत्पर हों। जब आपके कई अच्छे मित्र और बेहतर व्यावसायिक संपर्क होंगे, तो आप व्यक्तिगत तथा सामाजिक जीवन में मज़बूत स्थिति में रहेंगे।
इस महत्वपूर्ण पुस्तक के माध्यम से आप सीखेंगे :
- किस तरह तुरंत और आसानी से दोस्त बनाएँ
- किस तरह लोगों को आपकी बात मानने के लिए तैयार करें
- किस तरह नए ग्राहकों का दिल जीतें
- किस तरह एक बेहतर और रोचक वक्त बनें
- किस तरह अपने साथियों व सहकर्मियों में जोश का संचार करें

संबन्ध सुधारें, लोगों को प्रभावित करें और अपने उद्देश्य में सफलता पाएँ

About author

डेल हरबिसन कार्नेगी एक अमेरिकी लेखक और व्याख्याता थे. वे सेल्फ हेल्प मूवमेंट के प्रवर्तक माने जाते हैं और सेल्स, कॉर्पोरेट प्रशिक्षण, कुशल वक्तव्य और पारस्परिक कौशल में प्रसिद्ध पाठ्यक्रमों के डेवलपर थे। मिसौरी में एक खेत पर गरीबी में पैदा हुए, वह 'हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इंफ्लुएंंस पीपल' (1936) के लेखक थे, जो हमेशा से ही बेस्टसेलर रही है और आज भी इसकी लोकप्रियता में कमी नहीं आई है। उन्होंने 'हाउ टू स्टॉपिंग एंड स्टार्ट लिविंग' (1948), 'लिंकन द अननोन' (1932), और कई अन्य पुस्तकें भी लिखीं। उनकी पुस्तकों में मूल विचारों में से एक यह है कि दूसरों के प्रति हमारे व्यवहार को बदलकर अन्य लोगों के व्यवहार को बदलना संभव है।