Do Kadam Aur Sahi

Do Kadam Aur Sahi

Author : Rahat Indori

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Regular Price: Rs. 250

Special Price Rs. 200

Classification Poetry
Pub Date 25 July 2017
Imprint Manjul
Page Extent 262 pages
Binding Paperback
Language Hindi
ISBN 978-81-8322-788-9
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about book

रोज़ तारों को नुमाइश में खलल पड़ता है
चाँद पागल है, अँधेरे में निकल पड़ता है
उसकी याद आई है साँसों ज़रा आहिस्ता चलो
धड़कनो से भी इबादत में खलल पड़ता है

राहत इंदौरी ने उर्दू शायरी को अवाम में मक़बूल बनाया है, वो अदब के रुख-ओ-रफ़्तार से वाक़िफ़ हैं. - अली सरदार जाफ़री

राहत इंदौरी के पास लफ़्ज़ों से तस्वीरकशी कर देने का अनोखा हुनर हैं, में उसके इस हुनर का फैन हूँ. - एम. एफ. हुसैन

रा से राम है, रा से राहत है, राम वही है जो राहत दे, जो आहात करता है वो रावण होता है. राहत साहब की शायरी में राहत है, में उनके अंदाज़ को सलाम करता हूँ. - मुरारी बापू

डॉ. राहत इंदौरी के कलाम बरजस्तगी, मआनी आफ़रीनी और दौर-ए-हाज़िर का अक्स है. उनका वजूद उर्दू शेर-ओ-सुखन और उर्दू ज़बान के लिए बड़ा क़ीमती तोह्फ़ा है. - दिलीप कुमार

राहत इंदौरी के पास अपने युग की साडी कड़वाहटों और दुखों को खुलकर बयां कर देने की बेपनाह ताक़त है, वो बेजान शब्दों को भी छूते हैं तो उनमें धड़कन पैदा हो जाती है. - प्रो. अज़ीज़ इंदौरी

राहत ने जीवन और जगत के विभिन्न पहलुओं पर जो ग़ज़लें कही हैं, वो हिन्दी-उर्दू की शायरी के लिए एक नया दरवाज़ा खोलती है. नए रदीफ़, नै बहार, नए मजमून, नया शिल्प उनकी ग़ज़लों में जादू की तरह बिखरा है जो पढ़ने व् सुनने वाले सभी के दिलों पर च जाता है. - गोपालदास नीरज

About author

सियासत और इश्क पर मारक श़ेर कहने वाले हमारे वक्त के सबसे बड़े शायर और हर दिलअजीज राहत इंदौरी (जन्म: 1 जनवरी 1950) भारतीय उर्दू शायर और हिंदी फिल्मों के गीतकार हैं। राहत इंदौरी की शायरी अगरबत्ती की खुशबू की तरह आहिस्ता-आहिस्ता फैलती है और हमारे दिल के दरवाजे खोलकर हमारी रूह में उतर जाती है। राहत साहब ने पचास से अधिक फिल्मों के लिए गीत लिखे हैं।