SadhGuru Nanak (Hindi)

SadhGuru Nanak (Hindi)

Author : SirShree

In stock
Rs. 100
Classification Inspiration / Self Help
Pub Date January 2016
Imprint Manjul HINDI
Page Extent 186
Binding Paperback
Language HINDI
ISBN 978-81-8322-694-3
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Rs. 100
(inclusive all taxes)
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about book

मैं बड़ा हूँ कहकर छोटे न बने
कहें कि मैं ईश्वर के हुकुम से बना हूँ

ईश्वर ने बड़े और छोटे हर तरह के मटके (शरीर) बनाए हैं I जब बड़ा मटका कहता है कि 'मैं बड़ा हूँ' तो यह कहकर वह असल मैं छोटा हो जाता है I
यदि छोटा मटका कहता है कि "मैं तो ईश्वर के हुकुम से बना हूँ, मुझे छोटा या बड़ा मालूम नहीं है,' तो समझ के साथ यह कहना उसे बड़ा बना देता है I जो छोटे मटके ऐसा कह पाते हैं, ईश्वर के हुकुम से वे बड़ा काम कर दिखाते हैं I अहंकार रखकर जो मटके स्वयं को बड़ा दिखाते हैं, बे ओछा काम कर दिखाते हैं I अहंकार रखकर जो मटके स्वयं को बड़ा दिखाते हैं, वे ओछा काम करके अपनी और दूसरों की नज़रों मैं छोटे हो जाते हैं I मानव जाती के सामने ऐसा कोई उदहारण हैं I

गुरु नानक देव संपूर्ण जीवन ईश्वर के हुकुम पर जिए और बड़े बन गए I उनका जीवन उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो प्रभु के हुकुम पर चलना चाहते हैं, परन्तु हिम्मंत नहीं कर पाते I

नानक एक ऐसे महान संत हैं, जिन्होंने अपने समय के कर्मकाण्डों पर अपनी वाणी से कड़ा प्रहार किया I उन्होंने सरल भाषा में ज्ञान का प्रचार कर लोगों को मोक्ष की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया, जिसका लाभ आज तक लिया जा रहा है ओर आगे भी लिया जाता रहेगा I

इस पुस्तक के माध्यम से गुरु नानक की जीवनी, कहानियों और सीखों का अध्ययन कर ख़ुशी का खज़ाना प्राप्त करें I

About author

सरश्री की आध्यात्मिक खोज का सफर उनके बचपन से प्रारंभ हो गया था I इस खोज के दौरान उन्होंने अनेक प्रकार की पुस्तकों का अध्ययन किया I इसके साथ ही अपने आध्यात्मिक अनुसंधान के दौरान अनेक ध्यान पद्धतियों का अभ्यास किया I उनकी इसी खोज ने उन्हें कई वैचारिक और शैक्षणिक संस्थानों की ओर बढ़ाया I जीवन का रहस्य समझने के लिए उन्होंने एक लम्बी अवधि तक मनन करते हुए अपनी खोज जारी रखी, जिसके अंत में उन्हें आत्मबोध प्राप्त हुआ I
सरश्री ने दो हज़ार से अधिक प्रवचन दिए हैं और सत्तर से अधिक पुस्तकों की रचना की है, जिन्हें दस से अधिक भाषाओँ में अनुवादित किया जा चुका है I