SANT GYANESHWAR

SANT GYANESHWAR

Author : Sirshree

In stock
Rs. 100
Classification Self Help
Pub Date 2015
Imprint Manjul Hindi
Page Extent 192 pages
Binding Paperback
Language Hindi
ISBN 978-81-8322-597-7
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Rs. 100
(inclusive all taxes)
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about book

'क्या आप ज़िंदा मेंढक खा सकते हैं' या 'शेर के मुँह मैं हाथ डालने की डेयरिंग (साहस) कर सकते हैं?' आपका जवाब क्या है? ऐसा करना मुश्किल है I यदि आपसे कहा जाये की 'क्या आप नारियल के पेड़ पर चढ़ सकते हैं?' तो कुछ लोग ऐसा करने की हिम्मत कर सकते हैं I अब ज़रा ईमानदारी से मनन करके बताएँ कि क्या आप सदा ख़ुश रहने की डेयरिंग कर सकते हैं ? ज़रा सोच-समझकर जवाब दें क्योंकि यह कोई मामूली डेयरिंग नहीं है I हर हाल में सदा ख़ुश रहना सबसे बड़ी डेयरिंग (साहस) है I
ज़रा सोचें, इससे बड़ी बात क्या हो सकती है और वह किसने की होगी? जवाब है - सबसे बड़ा साहस संत ज्ञानेश्वर ने किया था, उन्होंने जीवित समाधि ली थी, जिसे संजीवनी समाधि कहा गया I वे पूरी जाग्रति के साथ ध्यान में बैठे और फिर उनका शरीर वापस नहीं उठा I वह ध्यान अखण्ड ध्यान बन गया, समाधि बन गया I
समाधि और महान कीर्ति का रहस्य जानने के लिए आइए, प्रवेश करें संत ज्ञानेश्वर की जीवनी में I संत ज्ञानेश्वर के साथ जीवन के मुख्य सवालों के जवाब खोजने का कार्य आरम्भ करें I

About author

सरश्री की आध्यात्मिक खोज का सफर उनके बचपन से प्रारंभ हो गया था I इस खोज के दौरान उन्होंने अनेक प्रकार की पुस्तकों का अध्ययन किया I इसके साथ ही अपने आध्यात्मिक अनुसंधान के दौरान अनेक ध्यान पद्धतियों का अभ्यास किया I उनकी इसी खोज ने उन्हें कई वैचारिक और शैक्षणिक संस्थानों की ओर बढ़ाया I जीवन का रहस्य समझने के लिए उन्होंने एक लम्बी अवधि तक मनन करते हुए अपनी खोज जारी रखी, जिसके अंत में उन्हें आत्मबोध प्राप्त हुआ I
सरश्री ने दो हज़ार से अधिक प्रवचन दिए हैं और सत्तर से अधिक पुस्तकों की रचना की है, जिन्हें दस से अधिक भाषाओँ में अनुवादित किया जा चुका है I