Devi Vanamali’s Sri Hanuman Lila (Hindi)

Devi Vanamali’s Sri Hanuman Lila (Hindi)

Author : Devi Vanamali

In stock
Rs. 295
Classification Religion /Spirituality
Pub Date May 2016
Imprint Manjul Hindi
Page Extent 316 pages
Binding Paperback
Language Hindi
ISBN 978-81-8322-724-7
In stock
Rs. 295
(inclusive all taxes)
OR
about book

श्री हनुमान लीला

हाथ में पर्वत शिखर उठाए, हवा में उड़ते हुए पवनपुत्र हनुमान स्वयं पर्वत के समान लग रहे थे I वे सहस्त्र धार वाला ज्वलंत चक्र हाथ में लिए, भगवन विष्णु की तरह मनोहर प्रतीत हो रहे थे I
- वाल्मीकि रामायण
युद्ध कांड, ७४वा सर्ग

रामायण में अपनी भूमिका के लिए प्रसिद्द हनुमान, अपने चंचल स्वाभाव, आश्चर्यजनक शारीरिक शक्तियों तथा भगवान राम के प्रति निस्वार्थ भक्ति के कारण हिंदुओं के सबसे प्रिय देवताओं में से एक मैंने जाते हैं I वानर रूप में, वे सदा अशांत रहने वाले मानव मस्तिष्क के प्रतीक हैं I वे हमें सीखते हैं कि हालांकि प्रत्येक व्यक्ति पशु रूप में जन्म लेता है, किन्तु कड़े अनुशासन एवं दृढ़ता द्वारा कोई भी कोई भी आध्यात्मिक विकास की ऊँचाईयाँ प्राप्त कर सकता है I शक्तियाँ पाने के उद्देश्य से निस्वार्थ भक्ति द्वारा अपने मस्तिष्क को निर्दोष बनाकर हनुमान उस उच्चतम सामर्थ्य का मूर्त रूप बन गए हैं, जिसे हम प्राप्त कर सकते हैं I

वनमाली इस पुस्तक में हनुमान के जन्म से लेकर रामायण में उनके साहसिक कारनामों तक ३६ प्रसिद्द कथाओं का वर्णन करती हैं और उनमें निहित आध्यात्मिक पाठों, यौगिक प्रथाओं एवं वैदिक ज्योतिष शास्त्रके पक्षों को उजागर करती हैं I वे दर्शाती हैं कि किस प्रकार हनुमान के भीतर अपने भक्तों को निस्वार्थ भक्ति और शक्ति प्रदान करने का सामर्थ्य है, और हनुमान के उदाहरण का पालन करना, राम का आशीर्वाद प्राप्त करने का अचूक मार्ग है I

About author

वनमाली ने हिन्दू देवी - देवताओं पर आधारित जो पुस्तकें लिखी हैं उनमें श्री कृष्ण लीला, श्री राम लीला, श्री शिव लीला, शक्ति और भगवद गीता का अंग्रेजी अनुवाद प्रमुख हैं I वे वनमाली गीता योग आश्रम ट्रस्ट की संस्थापक तथा अध्यक्ष हैं, जो सनातन धर्म के ज्ञान के प्रसार एवं बच्चों को धार्मिक सेवा देने के प्रति समर्पित है I वे उत्तर भारत में ऋषिकेश में स्थित वनमाली आश्रम में रहती हैं I