Times of India ki Kahani (Hindi edn of The TOI Story)

Times of India ki Kahani (Hindi edn of The TOI Story)

Author : Sagita P. Menon Malhan

In stock

Regular Price: Rs. 295

Special Price Rs. 221

Classification Press & Journalism
Pub Date 15 October 2015
Imprint Manjul Hindi
Page Extent 274
Binding PB
Language Hindi
ISBN 978-81-8322-624-0
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Regular Price: Rs. 295

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about book

एक वक्त था जब देश में अख़बार जगत की गतिविधियाँ अपरिभाषित, लेकिन सख्त नियमों से बंधी हुई थीं I और यह बात 1980 के दशक तक लागू रही, जब तक द टाइम्स ऑफ़ इंडिया, इकोनॉमिक टाइम्स समेत अन्य कई प्रकाशनों के स्वामी बेनेट, कोलमैन ऎण्ड कंपनी लिमिटेड ने नियमों को पुनः परिभाषित कर अपने अनुसार नए नियम नहीं बना लिए I फिर मामला चाहे अख़बार की कीमत का हो या उनमें प्रकाशित होने वाले विज्ञापनों व सम्पादकीय स्वतंत्रता का I अगले दो दशक में भारतीय अख़बार जगत की सूरत पूरी तरह बदल गई I

टाइम्स ग्रुप ने किस तरह भारतीय मीडिया बिज़नेस को पूरी तरह बदल डाला, इस बारे में अधिक जानकारी उबलब्ध नहीं है I टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ही एक पूर्व पत्रकार संगीता मल्हन ने टाइम्स ग्रुप की इस विस्तृत गाथा को पाठकों तक पहुँचाने की कोशिश की है I उन्होंने उस दौर के ऐसे कई पत्रकारों और कॉर्पोरेट जगत के नामी-गिरामी लोगों से विस्तार में बातचीत की जिन्होंने समाचार-पत्र के रूपांतरण में मुख्य भूमिका निभाई I जो सच्चाई उभरकर आई, वह एक अहिरन कर देने वाले अहं के टकराव, बदलते दृष्टिकोण और कॉर्पोरेट जगत के बदलते स्वरूप की अनोखी कहानी थी I ख़बरों की दुनिया से सीधे या परोक्ष रूप से जुड़े और भारत में समाचारों के निर्माण में रुचि रखने वाले हर व्यक्ति को यह पुस्तक ज़रूर पढ़नी चाहिए I

About author

संगीता पी. मेनन मल्हान ने रचनात्मक लेखन की तरफ़ बढ़ने से पहले एक पत्रकार के तौर पर द टाइम्स ऑफ़ इंडिया (दिल्ली), मिड दे और स स्टेट्समैन में काम किया I इससे पहले उनकी दो और किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं - एक, रेस्टफेरियन्स टेल्स, जो बच्चों के लिए लघु कहानियों पर आधारित है और दूसरी नुसरत-ए-ग़म जो उर्दू कविताओं का संग्रह है I एक प्राइवेट पायलट रह चुकीं संगीता को भाषाओँ मंि दिलचस्पी है और वे फ्रेंच पद्धति हैं I