Shabdmanas

Shabdmanas

Author : Edited by Om Prakash Shrivastava & Bharati Shrivastava

In stock
Rs. 3,495
Classification Religion/ Reference
Pub Date January 2019
Imprint Manjul
Page Extent 1550
Binding Paperback
Language Hindi
ISBN 978-93-88241-43-4
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Rs. 3,495
(inclusive all taxes)
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about book

'शब्दमानास' अर्थात 'शब्दों का मानसरोवर' और शब्द भी वह जिनसे, गोस्वामी तुलसीदासजी ने शिवजी के अंतःकरण में रची गई 'श्रीरामचरितमानस' को लिपिबद्ध किया. इन शब्दों को वर्णमाला के क्रम से क्रमबद्ध करके, उनके समस्त संदर्भों को एक-साथ रखकर उनके विभिन्न अर्थों को लिपिबद्ध करके 'शब्दमानास' की रचना की गई है I आप श्रद्धालु हैं, भक्त हैं, शब्द-साधक हैं, विद्वान हैं, भाषाविद हैं, शोधार्थी हैं, प्रवचनकर्ता हैं या आलोचक हैं, सभी को यह सरोवर स्नान करने के लिए आमंत्रित करता है I

शब्दमानास की उपयोगिता
• श्रीरामचरितमानस के समस्त 14 ,611 शब्दों के अर्थ, सन्दर्भ तथा उनसे सम्बन्धित सम्पूर्ण चौपाई/ दोहा/ सोरठा/ श्लोक/ छंद एक ही स्थान पर उपलब्ध।
• श्रद्धालुओं के लिए: शब्द विशेष के गहन आध्यात्मिक अर्थ का अवगाहन करने हेतु।
• शब्द-साधकों के लिए: किसी एक शब्द जैसे राम, जानकी, शंकर, हनुमान आदि से संबन्धित दोहों/ चौपाइयों का पाठ करके उनके विविध रूपों का ध्यान कर आराधना करने हेतु।
• शोधार्थियों के लिए: मानस के समस्त शब्दों के अर्थ, संदर्भ एक साथ प्राप्त करने हेतु।
• प्रवचनकर्ताओं के लिए: एक ही शब्द की अनेक संदर्भों में व्याख्या करने हेतु।
• भाषण शास्त्रियों के लिए: मानस में शब्दों के उद्भव, गूढ़ार्थ तथा उनके अद्भुत बहुविधि प्रयोगों के अध्ययन हेतु।
• मानस में प्रयुक्त शब्दों का तत्समय प्रचलित सही अर्थ ज्ञात करने और पक्षपाती आलोचनाओं के समाधान करने के लिए।


About author

भारती श्रीवास्तव का 28 वर्षों से शिक्षा जगत से सम्बन्ध है, और संस्कृत पर अच्छी पकड़ रखती हैं I उन्होंने प्रदेश के अनेक ज़िलों में अध्यापन का कार्य किया है I वे वर्त्तमान में सहायक संचालक, राज्य शैक्षिक प्रबंधन और प्रशिक्षण संस्थान, आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल में पदस्थ हैं I

ओमप्रकाश श्रीवास्तव भारतीय प्रशासनिक सेवा (आई.ए.एस) अधिकारी, मध्यप्रदेश के अनेक ज़िलों में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर पदस्थ रहे हैं I वे वर्त्तमान में कलेक्टर एवं ज़िला दंडाधिकारी, ज़िला रीवा (म.प्र) हैं I