Khwab Ke Gaon Mein

Khwab Ke Gaon Mein

Author : Javed Akthar

In stock
Rs. 199
Classification Poetry
Pub Date 20 January 2017
Imprint Manjul
Page Extent 84
Binding Paperback
Language Hindi
ISBN 9788183227414
In stock
Rs. 199
(inclusive all taxes)
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About the Book

जावेद अख़्तर जिंदगी के दिन-रात की आपाधापी. अच्छे-बुरे, सुख-दुःख, ख़ुशी और ग़म को फिल्म के सीने की तरह दर्शक के नज़रिये से देखते हैं. वे तमाम हालात जो ज़िन्दगी को चाहे खुशनुमा बनाते हों या फिक्रमंद और परेशां करते हों, उनको मुक्त भाव से जीते हैं और उनकी शख्शियत का यह कोण उन्हें दार्शनिकों की पंक्ति में खड़ा कर देता है.

इस किताब में उनकी ही कही और लिखी बातों को लिया गया है, और हमें इसमें उनके द्वारा गहराई से महसूस की गई अभिव्यक्तियाँ मिलेंगी.

About the Author(s)

जावेद अख़्तर का नाम देश का बहुत ही जाना-पहचाना नाम हैं। जावेद अख्तर शायर, फिल्मों के गीतकार और पटकथा लेखक तो हैं ही, सामाजिक कार्यकर्त्ता के रूप में भी एक प्रसिद्ध हस्ती हैं। वह एक ऐसे परिवार के सदस्य हैं जिसके ज़िक्र के बिना उर्दु साहित्य का इतिहास अधुरा रह जायगा। शायरी तो पीढियों से उनके खून में दौड़ रही है।

जावेद अख्तर ने अपने करियर की शुरुआत सरहदी लूटेरा की थी। इसके बाद सलीम-जावेद की जोड़ी ने मिलकर हिंदी सिनेमा के लिए कई सुपर-हिट फिल्मो की पटकथाएं लिखी। इन दोनों की जोड़ी को उस दौर में सलीम जावेद की जोड़ी से जाना जाता था। इन दोनों की जोड़ी ने वर्ष 1971-1982 तक करीबन 24 फिल्मों में साथ किया जिनमे सीता और गीता, शोले, हठी मेरा साथी, यादों की बारात, दीवार जैसी फिल्मे शामिल हैं। उनकी 24 फिल्मों में से करीबन 20 फ़िल्में बॉक्स-ऑफिस पर ब्लाक-बस्टर हिट साबित हुई थी।

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