Bharat Gatha (Hindi)

Bharat Gatha (Hindi)

Author : Raj Khanna

In stock
Rs. 175.00
Classification Poetry
Pub Date 25th March 2024
Imprint Sarvatra (An Imprint of Manjul Publishing House)
Page Extent 90
Binding Paper Back
Language Hindi
ISBN 9789355439505
In stock
Rs. 175.00
(inclusive all taxes)
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About the Book

ध्रुव तारा इस आसमान पर समाधि लगाए है
श्रवण अपनी वेहंगी में मात-पिता उठाए है

सिंहासन आसीन पादुका प्रेरणा स्रोत है
भरत राम से लौट आने का कर रहे अनुरोध हैं

मुरली से मन हरने वाला, सुनाता है भगवद् गीता
दांडी के पथ चलने वाला, बन जाता है राष्ट्र-पिता

देवाशीष से धन्य है, नीर यहाँ की नदियों का
रिश्ता है नबियों का, संस्कृतियों से सदियों का

पंचायतों का आसन है, प्रांतों का शासन है
अशोक स्तंभ से सुसज्जित, संसद का सिंहासन है

जन जननी को समर्पित, राष्ट्रीय गान और गीत हैं
हिमाद्रि की अनुगूँज में, गोदावरी का संगीत है

राष्ट्रीय समर स्मारक में सेना के वो नायक हैं
जिन के बलिदान भारत निर्माण निर्णायक हैं

About the Author(s)

राज खन्ना का जन्म 5 अक्टूबर 1950 को अमृतसर, पंजाब में हुआ। दिल्ली विश्वविद्यालय से भौतिकी में स्नातक (ऑनर्स) और स्नातकोत्तर करने के उपरांत आई.आई.टी. कानपुर से एम.टेक. (कम्प्यूटर साइंस) की शिक्षा प्राप्त की। अपने व्यवसायिक जीवन में वे कम्प्यूटर सॉफ़्टवेयर/नेटवर्क विशेषज्ञ थे, अब सेवानिवृत हैं।
राज खन्ना के गीतों में कवि की संवेदना, इतिहासकार का विश्लेषण और वैज्ञानिक की सकारात्मक जिज्ञासा निहित है।

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