Bheegi Bheegi Do Aankhein: Gazal Sangrah ( Hindi)

Bheegi Bheegi Do Aankhein: Gazal Sangrah ( Hindi)

Author : Devesh Kumar 'Dev'

In stock
Rs. 299.00
Classification Non-Fiction/Poetry
Pub Date 25 August 2023
Imprint Manjul Publishing House
Page Extent 152
Binding Paper Back
Language Hindi
ISBN 9789355433398
In stock
Rs. 299.00
(inclusive all taxes)
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About the Book

हम पर ख़ूब लुटाते, अपना प्यार हमारे बाबूजी।
पल-पल करते ख़ुशि सर इज़्ज़त से।
बस्ती में इतने थे, इज़्ज़तदार हमारे बाबूजी॥

मर जाना मंज़ूर उन्हें था, झुक जाना मंज़ूर नहीं।
माँ कहती है ऐसे थे, ख़ुद्दार हमारे बाबूजी॥

अम्मा जब बीमार पड़ी, तो सेवा करते नहीं थके।
हालाँकि सेहत से थे, लाचार हमारे बाबूजी॥

बेटी जब डोली में बैठी, साहस उनका टूट गया ।
जीवन में रोये थे बस, इक बार हमारे बाबूजी॥

कोई मुश्किल कोई अड़चन, उनसे जीत नहीं पाई ।
मौत तुझी से मान गये थे, हार हमारे बाबूजी॥

जब तुम थे होली होली थी, दीवाली दीवाली थी।
अब जाते हैं सूने हर, त्यौहार हमारे बाबूजी॥

तुम कैसे हो उस दुनिया में, जन्नत जिसको कहते हैं।
भेजो कोई चिट्ठी, कोई तार हमारे बाबूजी॥

बरसों बीत गये हैं लेकिन अब भी ऐसा लगता है।
उस कमरे में बैठे हैं, तैयार हमारे बाबूजी॥

About the Author(s)

देवेश कुमार ‘देव’ का जन्म 14 अगस्त 1977 को मध्य प्रदेश के रायसेन ज़िले के बरेली नामक स्थान पर हुआ। आपके पिता का नाम स्वर्गीय राघवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव और माता का नाम श्रीमती शांति श्रीवास्तव है। आप मूलत: ग्राम बड़गवाँ तहसील देवरी ज़िला रायसेन मध्यप्रदेश के मूल निवासी हैं। आपका बचपन क़स्बा बाड़ी ज़िला रायसेन में बीता। यहीं से आपने बारहवीं तक की शिक्षा प्राप्त की। आपने उच्च शिक्षा बरेली एवं भोपाल से ग्रहण की। आपने समाजशास्त्र से एम.ए. एवं एम.सी.ए. तक पढ़ार्इ की है। वर्तमान में आप भोपाल के समीपस्थ तहसील गौहरगंज ज़िला रायसेन में राजस्व विभाग में पटवारी पद पर सेवायें दे रहे हैं और राजधानी भोपाल में निवासरत हैं। आपकी पत्नी नम्रता खरे और बेटी कुमारी भूमि श्रीवास्तव हैं।
संपर्क : 9981777152, 9340660210

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