Baatein Bematlab

Baatein Bematlab

Author : Anuj Khare

In stock
Rs. 175
Classification Fiction
Pub Date 6 November 2017
Imprint Manjul
Page Extent 162 pages
Binding Paperback
Language Hindi
ISBN 978-81-8322-642-4
In stock
Rs. 175
(inclusive all taxes)
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About the Book

भूतटाइप विषय उठाकर लेखक ने युथटाइप किताब लिख मारी है, जिसमें जुमलों की कॉइल, मवाली सी इस्टाइल, भाषा की गुलेल, नए विषयों का खेल खेला गया है I ये पढ़ने वाले के दिमाग में बवंडर, दिल में थंडर उठाकर रहेगा I अमेरिका की हवस में पागल टेकीज़ के लिए चायनीज़ ज्ञान पटका है I चले तो चांद तक नहीं तो शाम तक। एच-1 वीजा की आग में जलते बंदों के जमीर का खमीर उठाया है। अंग्रेजी की टांग तोड़ते `डैशिंग` पीसों को लंगड़ा बनाया है। क्रांति करने को उतारू सज्जनों की कमीनता बताई है। हर बात पर `हां जी` कहते हराम... की हैवानियत दिखाई है। चपटी नाक से हिमेश रेशमिया के `लव भजन` फुंफकारने वालों को सच्ची आशिकी नहीं मिलने की हकीकत से रूबरू करवाया है। `तुझे देखा तो ये जाना सनम...` गाने से लड़की नहीं पलटती, इस अध्यात्म से भी मिलवाया है। दिल में दो किलो दर्द हो तभी हो सकती है सेटिंग, नहीं तो खाली एफ़बी पर चैटिंग से कुछ नहीं होता - जैसी हकीकत बया की है। खुल्ला लिख डाला है कि बोलने से कोई बाबा नहीं होता है उर्फ धमकी देने से कोई दादा नहीं होता। ऊंट जब पहाड़ के नीचे आता है तो सेल्फी नहीं ले पाता अर्थात् गांधी के पथ पर चलने से कोई महात्मा नहीं हो जाता। उन लोगों के दिमाग में झंझावात चलाया है जो टेंशन में लगे हैं। ऐसी ही `बेमतलब की बातों` से जिंदगी का सार निकाला है फिर लोगों से उम्मीद भी की है कि इनका सार पकड़कर ज्ञानी हो जाएं। दूसरों का भेजा खाएं। मच्छरों का माइकल जैक्सन बन जाएं। डांस करें और ड्रामा दिखाकर बड़े आदमी हो जाएं।

About the Author(s)

लेखक बुंदेलखंड में जन्मे I घाट-घर का पानी पिया I समस्त स्थलों से ज्ञान प्राप्त I ज्ञान देने का मौका आने पर मनुष्य प्रजाति ने लेने से इंकार किया, तो किताबों और सैकड़ों व्यंग से कसर निकाली I
इनके दो व्यंग-संग्रह 'परम श्रद्धेय मैं खुद' और 'चिल्लर चिंतन' और अनेक प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में २५० से ज़्यादा व्यंग प्रकाशित हैं I उनके लिखे नाटक 'नौटंकी राजा' का कई शहरों में मंचन हो चुका है I
अनुज खरे को 'यू जी सी की जूनियर रिसर्च फ़ेलोशिप' जैसे कई सम्मान और पुरुस्कारों से नवाज़ा जा चुका है, वे 'लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में देश के एकमात्र टिवन्स ऑथर के रूप में भी शामिल हैं I इसके अलावा इन्हें दिव्य साहित्य अलंकरण, विजयवर्गीय सम्मान और देव सम्मान से भी नवाज़ा जा चुका है I इंदौर, भोपाल, नासिक सहित देश के कई बड़े लिटरेचर फ़ेस्टिवल्स में ये टॉक शो मॉडरेटर भी रहे हैं I फिलहाल खरे जी DanikBhaskar.com और DivyaMarathi.com के एडिटर हैं I

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