Dhoop  Raat Aur Khidkiyan

Dhoop Raat Aur Khidkiyan

Author : Atul Katariya

In stock
Rs. 150
Classification Poetry
Pub Date 10 August 2015
Imprint Manjul Hindi
Page Extent 130 pages
Binding Paperback
Language Hindi
ISBN 9788183226042
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Rs. 150
(inclusive all taxes)
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About the Book

लिखे जाने वाले शब्द को बालसुलभ निश्छलता के साथ इस तरह से तराशा जाए की उसकी आत्मा में विराजमान मातृत्व की पहरेदारी भी उजागर हो सके, तो ऐसे किसी प्रयास की पहचान डॉ. अतुल कटारिया कि कविताओं के रूप में कि जा सकती हैई अतुल की कविताओं का आकाश इतना समृद्ध और आत्मीय है की शब्दों को कृत्रिमता के पहरावे से बोझिल होने की मजबूरी नहीं झेलना पड़ती, वे अपने नैसर्गिक स्वरुप में ही अभिव्यक्ति की सीढ़ियां प्राप्त कर लेते हैं I
शायद यही कारण है कि अतुल की कविताओं में न तो पीपल का पत्ता कभी गायब होता या सूखकर आवाज़ें पैदा करता है और न ही चिड़ियों का सहचाहना या गोशाला की गंध और थ्रेशर से उड़कर सांसों का हिस्सा बनती गेहूं की भूसी हमारा पीछा छोड़ती है I

About the Author(s)

डॉ. अतुल कटारिया बाल्य व् शिशु रोग विशेषज्ञ हैं I उनके जीवन पर उनके गाँधीवादी विचारक और लेखक पिता का विशेष प्रभाव रहा है I अनवरत लेकिन अनियमित लेखन - उनका पहला संकलन है I संगीत, खेल और प्राकृतिक रोमांच में विशेष अभिरुचि रखते हैं I दूरदर्शन पर स्वास्थ्य सम्बन्धी कार्यक्रमों में विशेष संवाद में भी इन्हे नियमित रूप से बुलाया जाता रहा है I फ़िलहाल वे अपने परिवार के साथ भोपाल में रहते हैं I

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