Wahi Mera Khuda Hoga

Wahi Mera Khuda Hoga

Author : Harkirat Bains

In stock
Rs. 399
Classification Poetryl
Pub Date 10 October 2018
Imprint Manjul Publishing House
Page Extent 180 pages
Binding Hardbound
Language Hindi
ISBN 978-93-87383-98-2
In stock
Rs. 399
(inclusive all taxes)
OR
About the Book

दिव्य प्रेम के भाव के जिन क्षणों में भीतर असीम का अनुभव हुआ, यह रचना उसी की अभिव्यक्ति है. यह शब्द किसी विचार से नहीं बल्कि निर्विचार से उत्पन्न हुए हैं, मानो अंतस में जमी हुई कोई सतह पिघल कर उन्मुक्त झरने की तरह बह निकले.
जिस प्रेरणा ने इस रचना को संभव किया, उसके प्रति कृतज्ञता अभिव्यक्त करना कठिन है. वह मन, बुद्धि, शरीर, फ़ासले के प्रभाव से स्वतंत्र तथा मानव नियंत्रण से बहार है.
जैसी पंक्तियां उसने मुझे सुनाईं - निमित्त की भांति मैंने उन्हें कागज़ पर उतर दिया.
- हरकीरत

About the Author(s)

श्रीमती हरकीरत बैंस ने फूड एंड न्यूट्रीशन में पी.एच.डी. तथा डी.एससी की उपाधि अर्जित की. उनके अंग्रेजी में दो काव्य संग्रह The Last Autumn Leaf तथा Till I become You प्रकाशित हो चुके हैं. हिंदी में यह उनकी पहली रचना है.

[profiler]
Memory usage: real: 31981568, emalloc: 31267360
Code ProfilerTimeCntEmallocRealMem