Mithila ka Sankat (hindi translatin of Siege of Mithila)

Mithila ka Sankat (hindi translatin of Siege of Mithila)

Author : Ashok K. Banker

In stock
Rs. 325
Classification Mythology
Pub Date 26 October 2015
Imprint Manjul Hindi
Page Extent 500
Binding Paperback
Language Hindi
ISBN 9788183225373
In stock
Rs. 325
(inclusive all taxes)
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About the Book

मिथिला का संकट
रामायण का दूसरा भाग

मूल रामायण लगभग तीन हज़ार वर्ष पूर्व लिखी गयी थी I अब असाधारण कल्पना और कहानी कहने की बेहतरीन कला के द्वारा अशोक के. बैंकर ने आज के आधुनिक पाठकों के लिए इस महाकाव्य को दोबारा प्रस्तुत किया है I

पाशविक दैत्य देखते ही देखते भारी संख्या में अयोध्या की ओर कूच कर जाते हैं I राम अपने परिवार की रक्षा के लिए नहीं लौट पाते I उन्हें असुरों की सेना से निपटने के लिए कुछ वीर योद्धाओं का साथ देने मिथिला नगरी जाना पड़ता है, जो विनाश के कगार पर खड़ी है I दैत्यराज रावण के साथ होने वाले युद्ध में सहायता के लिए क्या राम को गुप्त देव - अस्त्र मिल पता है?

About the Author(s)

अशोक के. बैंकर
एक जाने-माने भारतीय लेखक हैं I पिछले कुछ वर्षों से वे वैदिक युग की महान गाथाओं की पुनः प्रस्तुति के अपने बचपन के सपने को साकार करने हेतु, पूर्ण-कालिक लेखन कर रहे हैं I उनकी योजना है कि रामायण के पश्चात कृष्ण, गणेश तथा विश्व के सबसे बड़े महाकाव्य, महाभारत की काल्पनिक प्रस्तुति की जाये I

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