Rah ke phool (Hindi translation of Flowers of the Path)

Rah ke phool (Hindi translation of Flowers of the Path)

Author : Sadguru

In stock
Rs. 199
Classification Self-help/ Spirituality
Pub Date April 2016
Imprint Manjul HINDI
Page Extent 176 pages
Binding Paperback
Language Hindi
ISBN 978-81-8322-721-6
In stock
Rs. 199
(inclusive all taxes)
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About the Book

प्रस्तुत पुस्तक पाठकों के लिए एक गुलदस्ता है; यह द टाइम्स ऑफ़ इंडिया के स्तंभ 'द स्पीकिंग ट्री' में धारावाहिक रूप से प्रकाशित सद्गुरु के आलेखों का संग्रह है I इन रचनाओं ने एकरसता और अशांति से घिरे लोगों के जीवन में नित्य प्रति सौंदर्य, हास्य, स्पष्टता और विवेक की शीतलता प्रवाहित की है I स्टॉक बाज़ार के उतार - चढाव और अंतराष्ट्रीय मसलों से संबंधित सामग्री, पाठकों के जीवन में आशातीत अंतर्दृष्टि और सुकून देने वाली सिद्ध हुई है I

सद्गुरु के मौलिक विचारों, स्पष्ट टिप्पणियों और समसामयिक मसलों पर दिए गए बयानों ने कभी कभी विवाद उत्पन्न किये हैं, किन्तु उनसे राष्ट्रीय बहस में एक अलग रंगत और जीवंतता का संचार हुआ है I रूढ़ियों और परंपरागत विचारों से अलग नए दृष्टिकोण जगा कर पाठकों को चौंका देने वाली ये रचनाएँ, अपनी सौम्य सुगंध से भोर को भिगोते फूलों की ही तरह उत्साह और प्रेरणा प्रदान करती है I

हमारी नज़रों के सामने खिले फूलों की तरह इनमें आग्रहपूर्ण आमंत्रण है I सुवास का आमंत्रण है I सुवास का आमंत्रण - सुवास जो मदहोश कर देती है, जो हमें याद दिलाती है कि जीवन कोई उलझी हुई पहेली नहीं है, बल्कि एक राज़ है जिसे अनुभव किया जा सकता है I

About the Author(s)

सद्गुरु एक आधुनिक योगी, दिव्यदर्शी और आध्यात्मिक गुरु हैं I वे कोयंबटूर स्थित ईशा फाउंडेशन के संस्थापक हैं I ईशा फाउंडेशन एक आध्यात्मिक आंदोलन है, जो आधुनिक व्यक्ति को सशक्त व् प्राचीन योग विज्ञानं के द्वारा विकसित होने के लिए एक उपयुक्त वातावरण प्रदान करता है I

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