Shri Krishna Leela

Shri Krishna Leela

Author : Vanamali

In stock
Rs. 350
Classification Religion/ Spirituality
Pub Date 10 May 2017
Imprint Manjul
Page Extent 364
Binding Paperback
Language Hindi
ISBN 978-81-8322-807-7
In stock
Rs. 350
(inclusive all taxes)
OR
About the Book

प्राचीनतम मौखिक कथाओं एवं पवित्र ग्रंथों पर आधारित
भगवान कृष्ण, जो हिन्दू देवताओं में सर्वाधिक प्रिय मने जाते हैं, को अनेक रूपों में दर्शाया गया है. वे दिव्या बालक, नटखट, आदर्श प्रेमी, विश्व नायक, विलक्षण शासक और ईश-स्वरूप हैं. वनमाली लंबे काल तक कृष्ण-भक्त रहकर कृष्ण-संबंधी विशेषज्ञ बन गई हैं, और उन्होंने अपनी इस पुस्तक में भगवान कृष्ण के अवतार जीवन को समग्रता के साथ प्रस्तुत किया है.

भगवद पुराण, भगवद गीता, महाभारत और भारत की मौखिक परंपराओं द्वारा, देवी वनमाली ने कृष्ण के जीवन की अनेक कथाओं का वर्णन किया है. इनमें कारागृह में कृष्ण का जन्म, वृंदावन ने उनके बचपन के नटखट दिन, द्वारका में उनका विलक्षण शासनकाल तथा कुरुक्षेत्र में हुए महाभारत युद्ध में वीर अर्जुन के गुरु और सारथी की भूमिका में उनका शक्तिशाली रूप प्रमुख हैं. वनमाली बता रही हैं कि कृष्ण किस प्रकार महायोगी, नटखट प्रेमी और दैवी शासक के अदभुत गुणों को समाहित करते हुए लेखिका ने दर्शाया है कि कृष्ण के जीवन की कथाओं में उत्कृष्ट सादगी एवं परिहास की अभिव्यक्ति कुछ इस तरह हुई है कि सभी - पुरुष, स्त्री अथवा बालक - भगवान कृष्ण के उपदेशों में छिपे ज्ञान को आत्मसात कर सकते हैं.
यह मनुष्य के रूप में परमात्मा की कथा है, जिसके चिंतन द्वारा श्री कृष्ण का दिया ज्ञान, अंतर्मन को आलोकित कर सकता है.

About the Author(s)

वनमाली ने हिन्दू देवी-देवताओं पर आधारित जो पुस्तकें लिखीं हैं उनमें श्री राम लीला. श्री हनुमान लीला, श्री कृष्ण लीला, शक्ति और भगवद गीता का अंग्रेजी अनुवाद प्रमुख हैं. वे वनमाली गीता योग आश्रम ट्रॅस्ट की संस्थापक तथा अध्यक्ष हैं, जो सनातन धर्म के ज्ञान के प्रसार एवं बच्चों को धर्मार्थ सेवा देने के प्रति समर्पित हैं. वे उत्तर भारत में ऋषिकेश में स्थित वनमाली आश्रम में रहती हैं.

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