Kuch pal Hasi Ke Sang

Kuch pal Hasi Ke Sang

Author : Ashok Sawhney

In stock
Rs. 150
Classification Humour
Pub Date 25 Septemebr 2018
Imprint Sarvatra
Page Extent 214 pages
Binding Paperback
Language Hindi
ISBN 978-93-87383-99-9
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Rs. 150
(inclusive all taxes)
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About the Book

सब सुखों की एक दवा...
सदा हँसते रहो

हममें से ज़्यादातर लोग दूसरों पर हंसना और उनका मज़ाक़ बनाना पसंद करते हैं, लेकिन हममें ख़ुद पर हँसने की क्षमता नहीं है I इस दायरे में बंधने से हम ज़िन्दगी में हल्के-फुल्के क्षणों और हँसी पैदा करने के असीमित मौकों का इस्तेमाल करने से वंचित हो जाते हैं, जबकि यह आज की दुनिया से दुश्मनी और नफ़रत ख़त्म करने के लिहाज से मददगार हो सकता है !
आज, निश्चित रूप से लोगों को हँसाना एक सम्मानजनक और अच्छी कमाई दिलाने वाले पेशे के रूप में बदल गया है - कॉमेडी जीवंत हो गयी है I यह ज़ोर पकड़ने लगी है, और लोगों को प्रतिष्ठित करने व् मुश्किल समय में तनाव मुक्त ब्रेक लेने में सहायक हो रही है I

चुटकुलों का यह संग्रह पाठकों को ऐसे ही भेंट है, जिससे उनकी बत्तीसी खिल उठेगी और वे खुलकर हंस पाएँगे!

About the Author(s)

अशोक साहनी देश में कलाई घडी डायल उद्योग के स्तंभ हैं I इसके अलावा उनके विशिष्ट गुणों में उर्दू शेरो-शायरी, सही मायनों में जोखिम लेने वाली उद्यमशीलता और भाषा विशेषज्ञता शामिल हैं I श्री साहनी सात भाषाओँ में दक्ष हैं और पूरी तरह प्रबुद्ध कवि हैं I वे कई सामाजिक संगठनों में प्रमुख ज़िम्मेदारियों का निर्वहन भी कर रहे हैं I

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