Shadaab  ( Hindi)

Shadaab ( Hindi)

Author : Ramesh Chand Dadhwal

In stock
Rs. 250.00
Classification Poetry
Pub Date March 2022
Imprint Sarvatra (An Imprint of Manjul Publishing House)
Page Extent 198
Binding Paperback
Language Hindi
ISBN 9789355431301
In stock
Rs. 250.00
(inclusive all taxes)
OR
About the Book

अपने वजूद की चौखट पर खड़ा दरबान हूँ मैं,
इस हालात-ए-हाज़रा पर खुद भी हैरान हूँ मैं।
ढूँढता हुआ मैं हर मंजिल-ए-मक़सूद तक गया,
नामालूम नूर की बूँद हूँ या गुमशुदा सामान हूँ मैं।

मधुर-मौन निशब्द-निमंत्रण तुमने दिया था,
दिनचर्या में अंतराल नियोजन हमने किया था,
निगाहों से संवाद का अंदाज़ गर तुम्हारा था,
चिकोटी पर मरहमी अंदाज़ तो हमारा था...

एक नया किरदार ग़ज़ल में आना चाहे,
बिखरा मोती माला में गुँथ जाना चाहे...
तेरे लबों पे उतरी जो मुस्कान मधुर सी,
लगता है ज्यूँ मेरे लबों तक आना चाहे...
“शादाब” तेरी आग़ोश में इतना सुकून है,
ये किरदार तेरी बाहों में सो जाना चाहे...

About the Author(s)

रमेश चंद डढवाल का जन्म 1963 में धर्मशाला, जिला कांगडा (हिमाचल प्रदेश) में हुआ। वर्तमान में आप यूको बैंक, शिमला में मुख्य अधिकारी के रूप में कार्यरत् हैं। आप हिन्दी, अंगे्रजी, उर्दू तथा पंजाबी भाषा का ज्ञान रखते हैं, और यह आपका पहला प्रकाशित संकलन है।

[profiler]
Memory usage: real: 20971520, emalloc: 18460552
Code ProfilerTimeCntEmallocRealMem