Shrapit Samrajya ( Hindi)

Shrapit Samrajya ( Hindi)

Author : Priyanka Saxena

In stock
Rs. 499.00
Classification Fiction/Novel
Pub Date March 2023
Imprint Sarvatra
Page Extent 356
Binding Paper Back
Language Hindi
ISBN 9789355432469
In stock
Rs. 499.00
(inclusive all taxes)
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About the Book

इस काल्पनिक उपन्यास की कहानी एक आठ साल की बालिका ‘चंद्रिका’ के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बड़े ही रहस्यमय ढंग से एक रात अपने घर से अचानक गायब हो जाती है और एक मायावी नगरी में पहुँच जाती है। यहाँ पहुँचकर उसे यह ज्ञात होता है कि वह स्थान जो आज एक भयावह रेगिस्तान के रूप में दिखाई दे रहा है, वह कभी भारतवर्ष का सबसे समृद्ध साम्राज्य ‘प्रतिष्ठानपुर’ हुआ करता था। फिर ‘महर्षि श्रोणिक’ चंद्रिका के सम्मुख एक ऐसे श्राप की कथा का वर्णन करते हैं, जिसके बाद प्रतिष्ठानपुर के विरुद्ध षडयंत्रों और कुचक्रों का एक ऐसा सिलसिला शुरू हो गया जिसे रोक पाना किसी के वश में न था। यहाँ तक कि षड्यंत्रकारी ने बड़ी ही चालाकी से प्रतिष्ठानपुर के महाराज उदयसेन को भी अपना शिकार बना लिया, जिसके बाद शक की सुई बार-बार दंभगढ़, वीरगढ़ एवं कामिनीपुरम जैसे राज्यों के ऊपर घूमती हुई प्रतीत होती रही। इन सभी राज्यों से प्रतिष्ठानपुर की पुरानी शत्रुता का बड़ा ही रोमांचकारी वर्णन इस उपन्यास में किया गया है।
इस भाग के अंत में महाराज सोनभद्र (महाराज उदयसेन के पुत्र) नगर के मुख्य चौक पर प्रजा के सम्मुख षड्यंत्रकारी के नाम का खुलासा करते हैं, जिसे सुनकर सबके पैरों तले जमीन खिसक जाती है। यह उपन्यास जादू, मायाजाल, तिलिस्म और षड्यंत्र का एक ऐसा चक्रव्यूह है, जिसकी कल्पना मात्र से ही आत्मा कांप उठती है। इस उपन्यास में विभिन्न युद्धों और अचरज भरी युद्ध कलाओं का भी रोचक वर्णन किया गया है।
क्या कभी प्रतिष्ठानपुर साम्राज्य उस श्राप के प्रभाव से उबर पाएगा? क्या चंद्रिका कभी उस मायाजाल को तोड़कर उस मायावी नगरी से बाहर आ पाएगी? यह उपन्यास ऐसे ही अनेक प्रश्नों के उत्तर अपने भीतर समेटे हुए दिखाई देता है।

About the Author(s)

प्रियंका उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले की निवासी हैं एवं एक कंप्यूटर इंजीनियर हैं। वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश में सहायक चकबंदी अधिकारी (एसीओ) के पद पर चयनित हैं। प्रियंका की रचनात्मकता उनके बचपन से ही परिलक्षित होने लगी थी। इन्होंने बहुत छोटी आयु से ही कविताएँ लिखना शुरू कर दिया था। कम उम्र में ही उनकी लिखी गईं कविताओं को पढ़-सुनकर बड़ी उम्र के लोग भी आश्चर्यचकित एवं प्रभावित होते थे। समाज में सार्थक बदलाव लाना तथा प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का प्रसार करना उनके जीवन का मुख्य उद्देश्य है। अपनी साहित्यिक प्रतिभा के उपयोग से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहती हैं।

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