Apne Jeevan ko Mahan Banaye

Apne Jeevan ko Mahan Banaye

Author : Dale Carnegie

Classification Self-help
Pub Date December 2018
Imprint Manjul
Page Extent 196 pages
Binding Paperback
Language Hindi
ISBN 978-93-87383-96-8
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Rs. 195
(inclusive all taxes)
about book

आपमें अपने जीवन को समृद्ध बनाने की शक्ति है - कठिनाइयों से उबरने तथा ख़ुशी, सद्भाव, स्वास्थ्य और समृद्धि हासिल करने की शक्ति है. इस पुस्तक में आप डेल कारनेगी के बताए सिद्धांत सीखेंगे जिन्हें लाखों लोगों ने आज़माया है, ताकि आप यह जान सकें कि आपके जीवन में जो परिस्तिथियाँ आती हैं, उनका सामना करते वक़्त कैसा रुख़ अपनाया जाए. आप सीखेंगे कि अपनी शक्तियों व् कमज़ोरियों का पता कैसे लगाएँ और इसके बाद उन शक्तियों व कमज़ोरियों का पता कैसे लगाएँ और इसके बाद उन शक्तियों व कमज़ोरियों का पता कैसे लगाएँ और इसके बाद उन शक्तियों को कैसे बढ़ाएँ व कमज़ोरियों से कैसे उबरें. इस पुस्तक से आप जीवन समृद्ध करने वाले मूल मंत्र सीखेंगे. जैसे : -व्यक्तिगत, पारिवारिक, नौकरी व करियर आदि के अहम चरणों का आकलन किया जाए और उनमें संतुलन कैसे बनाया जाए -इस बात का आकलन करें कि आप कितने तनाव का सामना कर सकते हैं और आप इससे कैसे निबट सकते हैं -स्वास्थ्य-केंद्रित जीवनशैली कैसे विकसित कर सकते हैं -दूसरों के साथ प्रभावी व्यवहार कैसे किया जाए तथा मुश्किल लोगों से कैसे निबटा जाए -अपनी भावनात्मक बुद्धि को कैसे मापा जाए तथा अपनी भावनाओं को कैसे काबू किया जाए -आप जिन संघर्षों का सामना करते हैं, उनसे निबटने में आपके कौशल का प्रयोग कैसे करें पुस्तक में दी गयी सलाह आपके जीवन को समृद्ध बना देगी. ये सैद्धांतिक उपदेश या दार्शनिक प्रवचन नहीं हैं. ये ऐसे लोगों के अनुभव का निचोड़ हैं जिन्होंने उन्हें लागू किया और अपने जीवन को औसत से संतुष्टिदायक, पुरस्कारदायक, सार्थक व रोमांचक जीवन में बदल दिया.

About author

डेल हरबिसन कार्नेगी एक अमेरिकी लेखक और व्याख्याता थे. वे सेल्फ हेल्प मूवमेंट के प्रवर्तक माने जाते हैं और सेल्स, कॉर्पोरेट प्रशिक्षण, कुशल वक्तव्य और पारस्परिक कौशल में प्रसिद्ध पाठ्यक्रमों के डेवलपर थे। मिसौरी में एक खेत पर गरीबी में पैदा हुए, वह 'हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इंफ्लुएंंस पीपल' (1936) के लेखक थे, जो हमेशा से ही बेस्टसेलर रही है और आज भी इसकी लोकप्रियता में कमी नहीं आई है। उन्होंने 'हाउ टू स्टॉपिंग एंड स्टार्ट लिविंग' (1948), 'लिंकन द अननोन' (1932), और कई अन्य पुस्तकें भी लिखीं। उनकी पुस्तकों में मूल विचारों में से एक यह है कि दूसरों के प्रति हमारे व्यवहार को बदलकर अन्य लोगों के व्यवहार को बदलना संभव है।