Ram ki Gatha

Ram ki Gatha

Author : Devdutt Pattanaik

In stock
Rs. 195
Classification Mythology
Pub Date July 2017
Imprint Penguin-Random House - Manjul
Page Extent 178 pages
Binding Paperback
Language Hindi
ISBN 978-014-342-925-8
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Rs. 195
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about book

राम की गाथा

'राम की कहानी मानवीय शक्तियों एवं दुर्बलताओं का रूपक तथा आतंरिक दिव्यता का वातायन है.' - तहलका

राम मर्यादा पुरुषोत्तम, सामाजिक मूल्यों के सबसे बड़े ध्वजवाहक, रघुवंश के वंशज, सूर्यवंश के रत्न तथा विष्णु के सातवें अवतार हैं. महिलावादियों ने जिन्हें भला-बुरा कहा और राजनीतिज्ञों ने जिनको अपने लिए उपयुक्त बनाया, वे स्वयं अपने गौरव में प्रशांत बने हुए हैं, तथा एकमात्र हिन्दू देवता हैं जिनको राजा के रूप में पूजा जाता है. आज के दौर में राम की प्रासंगिकता की इस तलाश में देवदत्त पटनायक के साथ शामिल हो जाइए, जिसमें वे राम कथा के अनेक प्रारूपों में छिपे रूपकों एवं अर्थों की परतें उतारते चलते हैं.

'रामायण के अनेक संस्करणों का यह श्रेष्ठ मेल है, जो यह दर्शाता है कि किस प्रकार पिछली शताब्दियों के दौरान इस कहानी को अनुकूलित कर ऐसा बनाया गया है कि वह भिन्न प्रकार के लोगों की आवश्यकताओं और उनके दृष्टिकोण के अनुसार ढल जाए.' - संडे गार्डियन

'पटनायक एक संपूर्ण लेखक हैं... उनकी रोचक और सहज शैली आम और गंभीर दोनों ही तरह के पाठकों को पसंद आएगी और प्रभावित करेगी.' - मेल टुडे

About author

देवदत्त पटनायक की शिक्षा एक मेडिकल डॉक्टर के रूप में हुई. वे पेशे से एक लीडरशिप कंसलटेंट हैं I अपने शौक ओर जुनून के चलते पौराणिक कथाओं की प्रगाढ़ जानकारी रखते हैं. उन्होंने पवित्र गाथाओं, प्रतीकों व् अनुष्ठानों तथा आधुनिक समय में उनकी प्रासंगिकता पर विस्तृत लेखन करते हुए व्याख्यान भी दिए हैं. 'देवलोक देवदत्त पटनायक के संग,' 'मिथक', 'सीता' ओर 'जय' उनकी उल्लेखनीय पुस्तकों में से हैं. देवदत्त की गैर-पारंपरिक सोच व् अदभुद शैली, उनके व्याख्यानों, पुस्तकों व लेखों में स्पष्ट रूप से झलकती है.