Bhopal Sahar.. Bas Subah Tak

Bhopal Sahar.. Bas Subah Tak

Author : Sudhir Aazad

In stock
Rs. 150
Classification Fiction
Pub Date November 2016
Imprint Sarvatra
Page Extent 152
Binding paperback
Language Hindi
ISBN 978-81-8322-774-2
In stock
Rs. 150
(inclusive all taxes)
OR
about book

भोपाल सहर.. बस सुबह तक
सुधीर आज़ाद

एक हादसे की ज़मीन पर मार्मिक प्रेम कहानी. सुधीर आज़ाद के उपन्यास भोपाल: सहर... बस सुबह तक ने अंतस को स्पर्श किया है. वाक़ई बेहतरीन उपन्यास है. छोटे कलेवर में इतने बड़े किस्से को जितनी ख़ूबसूरती से कहा गया है, वः बहुत असरदार और याद रखने वाला है. बहुत शुभकामनाएँ, लिखते रहिए.
- वीरेंद्र सहवाग
भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी

एक निम्न-मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार को लेकर 1984 के मंज़र और हालातों के साए में पनपती एक मुहब्बत को लेखक ने इस उपन्यास का किस्सा बनाया है. कैसे एक ख़ामोश इश्क़ किसी खला में खो जाता है कि सुबह को वस्ल का एक देकर दहलीज़ के इस तरफ़ तन्हा छोड़ जाता है. यह किताब इसी शक्ल के एतबार की ज़मानत देती है. इस का नाम 'सहर' है.

भोपाल गैस त्रासदी लेखक की संवेदनाओं में कहीं गहरी उतरती हुई अनुभूत होती है और लेखक ने हर मुमकिन तरीक़े से इस पर काम किया है. आज़ाद जल्दी ही त्रासदी पर अपनी प्रामाणिक डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'TANK No 610 - Extended वर्शन' भी ला रहे हैं.

About author

एक नौजवान फ़िल्मकार, लेखक, गीतकार और प्रखर वक्ता. इन सबके बीच सुधीर आज़ाद बुनियादी तौर पर एक संजीदा शायर हैं. ज़िन्दगी और उसके दायरे के दरम्यान बिखरे लम्हात को महसूस और बयां करने का हुनर उन्हें हर किस्म के शेड्स को लिखने की तौफ़ीक देता है.
'भोपाल : सहर...बस सुबह तक' की कामयाबी उन्हें एक बेहतरीन अफ़सानानिगार की शक्ल में हमारे सामने लाती है. क़िताब की कामयाबी यह है कि इसका तजुर्मा अंग्रेज़ी में हो चूका है और पुस्तक के कथानक पर फिल्म निर्माण भी हो रहा है. उन्हें हाल हे में अपनी लघु फ़िल्म 'द लास्ट वुड' के लिए अंतर्राष्टीय सराहना प्राप्त हुई है जिसका 8 अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल्स में चयन हो चूका है. फिलहाल आज़ाद अपना आगामी उपन्यास लिव-IN लिखने में व्यस्त हैं, जो एक प्रेम कथा है. मध्य प्रदेश में अमरवाड़ा सुधीर आज़ाद की जन्मभूमि है.